शनिवार, 11 मार्च 2017

कविता: होली


"होली"

होली आया होली आया,
साथ में रंगों की गोली लाया |
दुश्मनी भूल हाथ मिलाया,
दुश्मनी को दूर भगाया |
जिन्दगी में खुशियाँ लाया,
दोस्तों को जलवा दिखाया|
अबीर लगा गले मिलाया,
रंगों के साथ खुद को भिगोया|
होली आया होली आया,
सबके दिल को बहलाया|

कवि: कामता, कक्षा 5th, कानपुर


कामता (KAMTA) "अपना घर" परिवार के सदस्य है। ये बिहार के नवादा जिले के रहने वाले है। इनका परिवार ईट भठ्ठों में प्रवासी मजदूर का कार्य करते है. कामता यंहा "आशा ट्रस्ट" के कानपुर केंद्र "अपना घर" में रहकर, शिक्षा ग्रहण कर रहे है। वर्तमान में ये कक्षा 5th के छात्र है। कामता को कविता लिखने में बहुत रूचि नहीं है, पर कभी-कभी लिख देते है। भारतीय क्रिकेट टीम के बहुत बड़े फैन है | किताबें से बहुत दोस्ती है उनके बीच रहना अच्छा लगता है. हमें उम्मीद है कि आपको इनकी होली पर लिखी कविता पसंद आएगी | 

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