कविता :सागर कुमार बाल कवितायेँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कविता :सागर कुमार बाल कवितायेँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 20 मार्च 2012

कविता : लक्ष्य की पूर्ती करना

 लक्ष्य की पूर्ती करना 

विद्या अर्जित करने वाले हैं विद्यालय ,
जहां पर रहते हैं उसे कहते हैं, सब आलय ......
मान सम्मान सभी का करना ,
सच के आगें कभी न डरना .......
जब तक लक्ष्य की पूर्ती न हो पाए ,
तब तक तुम कोशिश करना ......
विद्या अर्जित करने वाले जाते हैं विद्यालय ,
जहां पर रहते उसे कहते हैं, सब आलय .......

लेखक : सागर कुमार 
कक्षा : 8
अपना घर    

बुधवार, 29 जून 2011

कविता : संसार

 संसार 

इस परिवर्तनशील संसार में ,
बढ़ रही है मनुष्यों की आबादी ....
जिससे पर्यावरण व प्रकृति में ,
हो रही है हर वस्तु की बर्बादी ....
मानव है इससे परिभाषित ,
फिर भी करता इसको प्रदूषित ...
पर्यावरण बचाना नहीं है इतना आसान ,
यदि बच जाए तो जग हो जाए महान ....


लेखक : सागर कुमार 
कक्षा : 8
अपना घर 

बुधवार, 19 जनवरी 2011

कविता :नेता

नेता

आज के नेता बड़े बेईमान ।
भरते झोली चलते सीना तान ॥
करते रहते हैं लाखों का घोटाला ।
नहीं है कोई इनको पकड़ने वाला ॥
नेता जी के घर में चोरों का एक बार पड़ा पाला ।
रुपये जेवरात नेताजी के घर से निकाला ॥
आज के नेता बड़े बेईमान ।
भरते झोली चलते सीना तान ॥

लेख़क :सागर कुमार
कक्षा :7
अपना घर

रविवार, 11 अप्रैल 2010

कविता :सुनो पर्यावरण की आवाजें

सुनो पर्यावरण की आवाजें

पर्यावरण और कल कल झरनों की आवाज
महसूस करो दोस्तो गंगा-यमुना की आवाज
एक समय ऐसा भी था
गंगा-यमुना समुन्दर जैसी थी
गंगा-यमुना के पानी से
क्यों कर रहे हैं कोका-कोला तैयार
क्या तुम्हें याद हैं एक बात
पड़ गया था पानी का आकाल
उस समय येसा था
गंगा-यमुना में पानी कम था
गंगा-यमुना को है बचाना
वातावरण को है सुन्दर बनाना


लेखक :सागर कुमार
कक्षा :
अपना घर

गुरुवार, 1 अप्रैल 2010

कविता :काली रात

काली रात

अधेंरी काली रात थी
चूहों की बारात थी
बारात में चोर आये थे
चूहों को मार भगाए थे
जब चूहे वापस आये थे
साथ में अपनी फौज लाये थे
सब चोरों को मार भगाए थे
हलुआ पूड़ी खूब खाए थे ॥
अंधेरी काली रात थी
चूहों की बरात थी

लेखक :सागर कुमार
कक्षा :
अपना घर