कविता
आओ बच्चों खेल सिखाएं
खेल का भी मजे दिलाये
ऊपर नीचे नीचे ऊपर
कूदो उछलो खेलों खेल
आओ बचो खेले खेल
खेल को भी अपने साथ ले लो
आओ बच्चों कुछ जो बातें
खेल का भी हो जाये मुक़ाबला
खेल का भी मजे दिलाये
ऊपर नीचे नीचे ऊपर
कूदो उछलो खेलों खेल
आओ बचो खेले खेल
खेल को भी अपने साथ ले लो
आओ बच्चों कुछ जो बातें
खेल का भी हो जाये मुक़ाबला
ये कविता हमारे कवी विष्णु कुमार द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये थे विष्णु इस समय कक्षा 4 में पढ़ते है | अपना घर में 2 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |
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