कविता
छोटे छोटे दाने के कीमत क्या
पता है आमिर लोगों को
छोटे छोटे डेन की कीमत क्या
पता है आमिर लोगों को
गरीब आन तो कल भी भरते मरते है
एक छोटे दाने क्र टुकड़ों पर
आमीर लोग तो भूल गए एक
छोटे दानों को टुकड़ो को बचाने के लिए
पता है आमिर लोगों को
छोटे छोटे डेन की कीमत क्या
पता है आमिर लोगों को
गरीब आन तो कल भी भरते मरते है
एक छोटे दाने क्र टुकड़ों पर
आमीर लोग तो भूल गए एक
छोटे दानों को टुकड़ो को बचाने के लिए
ये कविता हमारे कवी विष्णु द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2024 में आये थे | विष्णु इस समय कक्षा 4 में पढ़ते है | अपना घर में दो साल से रह रहे है | ये नए नए कवी है इनकी कविता गरीबों की दास्ताँ में लिखी गयी है |
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