बुधवार, 19 अगस्त 2026

फुदक फुदकर हो रही है बारिश

 कविता 

फुदक फुदकर हो रही है बारिश 
थोड़ा ही बहुत सही हो रही बारिश 
तूफान का नामोनिशान नहीं है \
हवा बस काम सही है 
फुदक फुदकर हो रही है बारिश 
चमक उठे है ये कलियाँ सारी 
बाह रही है ये नदियां सारी  
सूरज का अब काम है 
बारिश तो यूँ ही बदनाम है 
फुदक फुदकर हो रही है बारिश 
थोड़ा ही बहुत सही हो रही बारिश 
ये कविता हमारे कवी नीरू  द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018   में आये  थे नीरू इस समय कक्षा 10   में पढ़ते है | अपना घर में 10  साल से रह रहे है |  |  

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