सोमवार, 24 अगस्त 2026

रोशन सूर्य से देश हमारा

कविता 

रोशन सूर्य से देश हमारा 

हरा भरा कहीं 

कहीं है पीला और नीला 

और खेतों की परिदृशं जहां 

तो सुन्दर सुशिल मस्तानी में खोया 

ऐसा है देश हमारा 

मौसम जहाँ रंगो में है डूबा डूबा 

रौशन सूर्य से देश हमारा 

ये कविता हमारे कवी शिवा द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018    में आये  थे शिवा  इस समय कक्षा 10    में पढ़ते है | अपना घर में 8    साल से रह रहे है |   

कोई टिप्पणी नहीं: