शनिवार, 15 अगस्त 2026

सिर्फ एक ही ऐसी जगह

कविता 

सिर्फ एक ही ऐसी जगह 
जहाँ इंसान रह सके 
देश है थोड़ा बदला जहाँ 
जहाँ सजते होइ 
इंसान अपना जगह 
देखने में अलग सबसे लगा 
लेकिन इसके जैसा कोई भी नहीं जगह 
जो हर पल रहता 
फूल और हरियाली से 
सिर्फ एक ही ऐसा जगह जहाँ पर इंसान रह सका  


ये कविता हमारे कवी अभिषेक द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये  थे | अभिषेक इस समय कक्षा 8 में पढ़ते है | अपना घर में दो साल से रह रहे है |  

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