शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

शीर्षक :मेरा भारत महान

"मेरा भारत महान"

अपना ये भारत है महान ।
इसकी महानता का करले ज्ञान ।।
महान है इसका हरेक मानव ।
उसके बारे मे भी कुछ जानो ।।
रोज सुबह मंदिर को जाते है सज्जन ।
कुछ मिले जाये ये करके आस ।।
इसलिए भजते रहते है ये ।
भगवान शिव को बारो मॉस ।।
प्रतिदिन गंगा स्नान को जाते ।
फल ,भोजन इत्यादि वानरों को खिलाते ।।
लम्बी आयु की है मांग करते ।
करके घोटाला अपनी जेब भरते ।।
उस ओर कभी मुड़ कर नहीं देखा ।
जिस ओर बैठा वह गरीब बेचारा ।।
जिसके पास नहीं है ।
जीने का को सहारा ।।
अपने ज्ञान का करते है बखान ।
और कहते है मेरा भारत महान।।

कवि: धर्मेन्द्र कुमार, कक्षा :9, अपना घर ,कानपुर 

1 टिप्पणी:

Manu Tyagi ने कहा…

सुंदर रचना