रविवार, 18 सितंबर 2011

कविता -अन्ना हजारे

अन्ना हजारे
देश का एक अन्ना हजारे ,
जिसकी एक पुकार से ...
सरकार के नेता हिल गये,
 जन लोकपाल बिल देखकर.....
उनके रूह  कॉप गये ,
भ्रष्टाचार के समर्थक में युवा बच्चे सब कूद गये.....
युवा बच्चो बूढों की लड़ाई  देखकर ,
भ्रष्टाचार फैलाने वाले नेता गये भाग......
यह तो अन्ना हजारे की एक शांतिपूर्ण लड़ाई हैं ,
उनका जज्बा जोश देखकर .......
हम युवाओ की अंगड़ाई जग गई,
हम लाखो को देखकर .......
भ्रष्टाचार फ़ैलाने वाले नेतओं के अन्दर खामोशी छा गई,
हम युवाओ  के लिए अन्दर दूसरी आजादी छा गई .......
देश के लिए दूसरी लड़ाई  आ गयी ,
यह एक भ्रष्टाचार नहीं आजादी की दूसरी लड़ाई हैं......
हम सभी लोगो ने मिलकर  ,
जब जन लोकपाल बिल की अपील की........
जन लोकपाल बिल पास हो जायेगा ,
अन्ना जैसे व्यकित हजारो  देश में आ जायेगे...... 
घुसखोरी भ्रष्टाचार को देश से दूर हटायेगे ,
जो नेता करोडो रुपयों का घोटाला करते हैं.......
वह गरीबो लोगो के पेट काटकर पैसा अपने थैले  में भरते हैं,
जन लोक बिल आ जायेगा ........
बड़े -बड़े घोटाला करने वाले नेतओं को देश दूर भागायेगा.......
लेख़क - मुकेश कुमार
कक्षा - १० अपना घर ,कानपुर

1 टिप्पणी:

"रुनझुन" ने कहा…

बहुत खूब! अच्छा लेखन!