रविवार, 7 अगस्त 2011

कविता : हमारा ब्रम्हाण्ड

कविता : हमारा ब्रम्हाण्ड

हमारा ब्रम्हाण्ड है बड़ा अनोखा,
गौर से नहीं इसको हमने देखा ....
क्या वहां पर भी होगा येसा जीवन,
कैसा होगा वहां का पर्यावरण ....
रात को हैं ये टिमटिमाते तारे ,
देखने में लगते हैं ये कितने प्यारे....
ब्रम्हाण्ड को जानने की बड़ी लालसा ,
चाँद पर जाने की है मेरी भी आशा .....
एक छोटा सा है संसार हमारा ,
कितना अच्छा है कितना प्यारा....
धरती हमारी सहती है कितना भार,
क्या सोंचा है कभी हमने एक बार ...
लेखक : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर


3 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाये
ब्लॉगर्स मीट वीकली में आपका स्वागत है।
http://www.hbfint.blogspot.com/

vidhya ने कहा…

फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाये
वाह बहुत ही सुन्दर

लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

"रुनझुन" ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता....कुछ ऐसी ही जिज्ञासा मुझे भी होती रहती है...फ्रेंडशिप डे की ढेर साडी शुभकामनाएँ...सौरी मैं एक दिन देर से ये बधाई दे पाई.....