सोमवार, 27 दिसंबर 2010

प्याज की बात निराली ....

प्याज की बात निराली ....
कहते है आलू सब्जी का राजा है।
मगर प्याज ने बजाया सबका बाजा है॥
प्याज की बात निराली है।
लेकिन इसे खाना अब खयाली है॥
प्याज बिना सब स्वाद है सूना।
जैसे पानी बिन तालाब है सूना॥
प्याज की बढती इस महगाई से।
प्याज बिक रहा सरकारी दुकानों से॥
सब जनता हो गई है बेहाल
क्या होगा अब इस देश का हाल॥
जो पड़ गया है प्याज का आकाल।
यूं लगता है देश में गया भूचा

लेख़क: सागर कुमार, कक्षा ७, अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

vallabh ने कहा…

achchhi rachna, samyanukool.

Akshita (Pakhi) ने कहा…

बिना प्याज के पकवान कैसा...प्यारी सी कविता..बधाई.

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

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बहुत बढ़िया बालगीत!
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