रविवार, 26 दिसंबर 2010

कविता: सर्दी का ये मौसम...

सर्दी का ये मौसम.....

सर्दी का ये मौसम बड़ा ही ठंढा- ठंढा।
फिर भी टीचर मारे बड़े जोर से डंडा॥
डंडा पड़ते ही अंगुली अकड़ जाती।
जब हाथों में गर्मी पड़ जाती॥
तब दर्द वह हमको लगती ।
अंगुलिया दर्द से हमें तड़पाती॥
मौसम तो है ये सबसे अच्छा।
पर ठंढ़ाती है हर एक कक्षा॥
अगर सर्दी का मौसम न आता।
तो स्वेटर, जैकेट पहनने को पछताता।।


लेख़क: आशीष कुमार सिंह, कक्षा ८, अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

vallabh ने कहा…

ye picture maine pahle bhi kahin dekhi hai...

Akshita (Pakhi) ने कहा…

यहाँ अंडमान में तो सर्दी आती ही नहीं...सुन्दर कविता..बधाई.
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'पाखी की दुनिया' में "तन्वी आज दो माह की.."

माधव( Madhav) ने कहा…

sundar