सोमवार, 2 नवंबर 2009

कविता: रिश्ते नाता

रिश्ते नाते

पापा के पापा है हमारे दादा ,
बिहार मे पड़ता है जिला नवादा ...
चाचा की बहन को कहते बुआ ,
हम सब खायेगे बुआ के हाथो से पुआ ...
मम्मी के भाई को कहते हम मामा ,
दिल्ली चले बन्दर मामा पहन पजामा ...
मम्मी की मम्मी है हमारी नानी ,
हमने राजा - रानी की सुनी बहुत कहानी ...
बहन के पति को कहते है जीजा ,
गर्मी मे खायेगे हम सब खरबूजा ...
भइया की पत्नी को कहते है भाभी ,
आज पराठे मे खाया हमने गोभी ...
लेखक: आदित्य पाण्डेय, कक्षा ७, अपना घर


2 टिप्‍पणियां:

अजय कुमार झा ने कहा…

बहुत प्यारी कविता है आदित्य ..सुंदर ..स्नेहाशीष ..लिखते रहो..

Kajal ने कहा…

a very nice poetry
keep it up
try to make like this for small children
i really liked it
please give me some ideas for making a poetry

EXCELLENT