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मंगलवार, 4 दिसंबर 2012

शीर्षक : सबका अधिकार है

         सबका अधिकार है 
जहाँ देखो चोर ,डकैत अपहरण से भर मार है ।
लड़कियो  को इज्जत नहीं मिलती यही लोगो की गुहार है ।।
लड़कियो  को निकलना बड़ा मुस्किल हो गया ।
यहाँ ,वहाँ शोहदों का घर हो गया ।।
मेरा यही कहना है ।
पुरुषों की संख्या ज्यादा है ।।
लडकियो की संख्या कम है ।
लड़कियो को भी जीने  का अधिकार है ।।
न ही  पुरुषों का अधिकार है ।
नाम : चन्दन कुमार 
कक्षा : 7
अपना घर ,कानपुर 

गुरुवार, 1 नवंबर 2012

शीर्षक : ये सब सपने

"मुझसे दोस्ती करोगे रवि..."

तपती धरती उबलता रवि ।
प्रकृति पर लिखता कवि ।।
ये कैसा संसार है ।
सबको अपने जीवन पर प्यार है ।।
ये संसार हमारा है ।
इसको मिल कर बचाना है।।
संसार मे जो आता है ।
वह जरूर ऊपर जाता है।।
प्रकृति के साथ रहना है ।
ये तो कवि का कहना है ।।
कवि रवि से कहता है ।
तू क्यों अकेला रहता है ।।
तेरी दोस्ती के लिए हर कोई मरता है।
तुझसे संसार का हर दुश्मन डरता है ।।
क्या इन्सान की दोस्ती से डरते हो रवि।
या हमसे दोस्ती नहीं करना चाहते हो रवि ।।
तुझसे कहता है ये कवि ।
तेरी दोस्ती चाहता हूँ रवि ।।
मानवों को तूँ इतना रोशनी देता है ।
फिर क्यों तूँ इतना उदास रहता है ।।
तुम्हे ठंढी मे देखने के लिए लोग तरसते है ।
गर्मियों मे तुम में फिर क्यों आग बरसते है।।
मै हूँ एक छोटा सा कवि ।
मुझसे से दोस्ती करोगे रवि।।

नाम :चन्दन कुमार , कक्षा : 7 , "अपना घर", कानपुर

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012

शीर्षक : हड़ताल

     शीर्षक : हड़ताल
रोज -रोज ये कैसी हड़ताल ।
कभी बस करे हड़ताल ।।
कभी टेम्पो करे हड़ताल ।
रोज -रोज ये कैसी हड़ताल ।
कभी कर्मचारी करे हड़ताल ।।
कभी नेता करे हड़ताल ।
कभी सामजिक कार्यकर्ता करे हड़ताल ।
रोज -रोज ये कैसी हड़ताल ।।
कभी स्कूल करे हड़ताल ।
कभी कॉलेज करे हड़ताल ।।
कभी स्टूडेंट करे हड़ताल ।
 रोज -रोज ये कैसी हड़ताल।।
नाम : चन्दन कुमार 
कक्षा :7
अपना घर , कानपुर