"वह मुश्किलों में भी प्रयास करता था"
वह मुश्किलों में भी प्रयास करता था।
हर चीज से वो आश रखता था।।
निरंतर चलने की बात हमेश।
लोगों से कहा करता था।।
कुछ खास था उसमे।
हर परिस्थिति में रहना जनता था।।
चुनौतियों और बाधाओं से।
हस्ते हुए लड़ जाता था।।
चढ़ा था जुनून कुछ कर गुजर जाने का।
हौशलों से बुलंदियों को छूने का।।
मन में जरूर ये बात रखता था।
लक्ष्य है मेरा कर्मभूमि।।
वह मुश्किलों में भी प्रयास करता था।
हर चीज से वो आश रखता था।।
कविः - विक्रम कुमार ,कक्षा -10th ,अपना घर, कानपुर,

कवि परिचय : यह कविता विक्रम के द्वारा लिखी गई है। विक्रम बिहार
के नवादा जिले के रहने वाले हैं। विक्रम को कवितायेँ लिखना बहुत पसंद है।
और वह अपनी प्यारी -प्यारी कविताओं एकत्रित कर उन्हें एक किताब में
प्रकाशित करवाना चाहता है। विक्रम एक रेलवे डिपार्टमेंट में काम करना
चाहते हैं।