कविता : मुकेश कुमार बाल कवितायें बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

कविता :-समान अधिकार

समान अधिकार 
लड़का हुआ तो ढ़ोल बजाया....
लड़की हुई तो मातम छाया,
लड़की का उसमें दोष है। क्या....
लड़का और लड़की में तो,
फर्क हमने ही किया है....
लड़की को एक बार मौका,
अजमाने तो दीजिये....
उसको समाज में आगे,
एक बार आने तो दीजिये....
उसको अपना हुनर दिखाने तो दीजिये,
उसकी अपनी भी इच्छाएं है....
पूरा करने का मौका दीजिये,
लड़का और लड़की होने पर....
हम समान ख़ुशी में ढ़ोल बजायेंगे,
दोनों को समान अधिकार हम दिलवायेगें....
तभी तो एक साथ दोनों आगे बढ़ पायेगें,
नाम :-मुकेश कुमार 
कक्षा :10 
अपना घर   

मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

कविता :-नींद

नींद 
नींद क्यों आती है हमें 
सोने के लिए बुलाती है हमें   
नींद  सपनें में क्यों ले जाती है हमें 
नींद सपना क्यों दिखाती है हमें 
नींद क्यों आती है हमें
सोचों नींद न आती हमारे पास 
तो सोते न माता पिता की गोद में आज 
नींद के बिना है जिन्दगी अधूरी 
नींद के आने से रातें होती हैं पूरी 
नींद की अपनी एक भाषा है 
नींद की अपनी एक परिभाषा है  
नाम :मुकेश कुमार 
कक्षा :१०
अपना घर 

रविवार, 6 नवंबर 2011

कविता : नहीं मिलेगी अब सजा

नहीं मिलेगी अब सजा 

सुनों-सुनों सब भाई बहना ,
सावधान तुम रहना ....
क्योंकि ठंडी आने वाली है,
सबको थर-थर कपाने वाली है.......
ठंडी का मौसम है सुहाना,
सब मिलकर अब गाओ गाना .......
ठंडी में है अब बहुत मजा,
क्योंकि स्कूल में नहीं मिलेगी सजा.......


लेखक : मुकेश कुमार 
कक्षा : 10 
अपना घर 

मंगलवार, 5 जुलाई 2011

कविता : आज मानव


आज मानव 

आज का मानव बहुत खराब,
पीता है दिन-रात शराब .....
पैसों को खूब उडाता है ,
पैसों से शराब पी जाता है ....
मानव के पास पैसा न होने पर ,
पत्नी से झगड़ा करता है ....
आज का मानव,मानव नहीं ,
वह दानव बन गया है  .....
आज का मानव बहुत खराब ,
पीता है, दिन-रात शराब  .....

लेखक : मुकेश कुमार 
कक्षा : 10
अपना घर   

सोमवार, 8 नवंबर 2010

कविता :अधिकार

अधिकार

जनमत निर्माण हमारा है ,
मानव-धिकार हमारा है ......
सूचना का अधिकार हमारा है ,
जन कल्याण हमारा है ......
जनता को शिक्षा की राह दिखलाता है ,
वह जनमत निर्माण कहलाता है ......
जहां सामाजिक,राजनीतिक,धार्मिक ,
एवं आर्थिक प्रदान किया जाता है ......
वह मानव-धिकार कहलाता है ,
सूचना का अधिकार हमारा है .......
सभी नागरिकों का प्यारा है ,

लेख़क :मुकेश कुमार
कक्षा : 9
अपना घर

सोमवार, 2 अगस्त 2010

कविता : भारत देश महान

भारत देश महान

अपना भारत देश महान
इस पर मत करो अभिमान
जहाँ पर गंगा है बहती
जहाँ पर गंगा माँ है रहती
हिन्दू हो या मुसलमान
सब करते हैं अच्छा काम
रोशन करते देश का नाम
अपना भारत है मतवाला
हरा-भरा और फल-फूलों वाला
भारत में थे वीर महान
नहीं करते थे वे अभिमान
सबको समझते थे एक समान
अपना भारत देश महान
इस पर मत करो अभिमान

लेखक :मुकेश कुमार , कक्षा :९, अपना घर