कविता : मुकेश कुमार बाल कहानियाँ बाल कवितायेँ बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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शुक्रवार, 1 जून 2012

कविता:-गौरैया

कविता:-गौरैया
गौरैया ओ चिड़िया रानी.... 
घरों में हमारे आती है,
गाना गाकर उछल कूदकर....
जानें कहाँ उड़ जाती है,
तुम्हारा अस्तित्व संकट में क्यों है....
हमें तुम्हें बचाना है, 
गौरैया की चहल-पहल....
को बचाना चाहिए, 
तुम छोटी हो कितनी प्यारी हो....
चुन-चुन गीत सुनती हो, 
गाँव की झोपड़ियाँ घोसला तुम बनती हो....
गौरैया ओ चिड़िया रानी, 
घरों में हमारे आती है....
हल्ला खूब मचाती  हो,
 
नाम : मुकेश कुमार 
कक्षा : 10
 अपना घर 

रविवार, 29 अप्रैल 2012

कविता :-बागों में आये आम निराले

बागों में आये आम निराले 
बागों में अब आये आम....
उनके बढ़ जायेंगे दाम,
पेड़ों में है, आम निराले....
उनके रंग है, हरे और पीले,
बागों में हम जायेंगे....
तोड़ आम खूब खायेंगे,
आमों से अब उपवन महका....
चिड़ियों से अब उपवन चहका,
आम फलों का राजा है....
जिसको खाने का कुछ अलग मजा है,
आम से आचार और जूस बनाओ....
उसको तुम भरपेट खाओ,
बागों में अब आये आम....
उनके बढ़ जायेंगे दाम,
   नाम : मुकेश कुमार
कक्षा :10 
अपना घर