मौसम यह कैसा अदभुत है,
न जाने कैसी सबकी सेहत है।
इस बार ऐसा तापमान बढ़ा है,
सूरज धूप लेकर सिर पर खड़ा है।
ऐसी गर्मी मई जून माह में होती,
गर्म हवायें उसके साथ में बहती।
इस बार है देखो कैसा ये मौसम,
इस गर्मी में कौन उठाये धूप का जोखम।
जाने क्यों ऐसी गर्मी इस बार बढ़ी है,
ऐसा लगता मौत सबके सिर पर खड़ी है।
लेखक:आशीष कुमार, कक्षा ७, अपना घर