गुरुवार, 20 अगस्त 2009

कविता: रक्षाबंधन त्यौहार

रक्षाबंधन त्यौहार

आज बुधवार है,
नानकारी का बाजार है...
बाजार का झोला तैयार है,
आज मेरी सोच बेकार है...
आज तो रक्षा बंधन त्यौहार है,
राखी हाथ में बंधने को तैयार है..
राखी हम पहले बंधावायेंगे,
बाजार
फ़िर बाद में जायेंगे...
खूब जम के मिठाई खायेंगे,
मिलके खुशियाँ मनाएंगे...
लेखक: आदित्य कुमार, कक्षा ७, अपना घर

3 टिप्‍पणियां:

vallabh ने कहा…

आदित्य !
रक्षा बंधन की बधाई थोडा लेट से ही सही...
अन्य साथियों को भी कहना...
अच्छा लिखते हो ... लिखते रहो...

Sudhir Kekre ने कहा…

bahut sundar aditya
kitna acha likhte ho

अशोक बजाज ने कहा…

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आपको हार्दिक बधाई !!