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शनिवार, 6 मार्च 2021

कविता:- छोटी सी चिड़िया

"छोटी सी चिड़िया"
छोटी सी चिड़िया।
बहुत कुछ कह जाती है।।
अपनी आवाजों से वो।
सबको मोह लेती है।।
छोटी सी चिड़िया।
न जाने क्या कह जाती है।।
यहाँ-वहाँ घूमती है।
डाल-डाल पर जाकर।।
सबको बुलाती है।
अपने गीत गुनगुनाकर।।
देख ली दुनिया घूम घूमकर।
 छोटी सी चिड़िया।।
 क्या-क्या कह जाती है।
छोटी सी चिड़िया।।
जब आंगन में आती है।
चुन चुनकर दाने।।
बैठ डाल पर खाती है।
छोटी सी चिड़िया।।
 क्या-क्या कह जाती है।
अपने भाव और विचारों को।।
सबको वो बता जाती है।
छोटी सी चिड़िया।।
जाने क्या-क्या कह जाती है।
  कविः -शनि कुमार ,कक्षा -9th ,अपना घर,कानपुर,
कवि परिचय :- ये शनि कुमार है। जो बिहार के रहने वाले है। इस समय अपना घर हॉस्टल में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है।  ये पढ़ने में बहुत अच्छे है।ये पढ़ लिखकर अपने परिवार और समाज के लिए काम करना चाहते है। इनको कविता लिखना पसन्द है।
 
 

शुक्रवार, 5 मार्च 2021

When I closed my eyes

"poem" 
  When I closed my eyes.
I remember my all mistakes
which I have  done in past
then I open my eyes.
I think this was  my luck.
Which gave me another a chance
and don't I want to go there change out.
 
Poet Name --Niranjan Kumar, Class-4th, Apna Ghar, Kanpur

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020

कविता : - दिन अब छोटी होने लगी है

"दिन अब छोटी होने लगी है"
दिन अब छोटी होने लगी है। 
 रातें बड़ी होने लगी है।।
दिन की गर्मी फीकी पड़ने लगी है।
रातों की ठण्डी पैरों को छूने लगी है।।
ठण्ड शर्द हवाएं चलने लगी है।
चारो दिशाओं में धुंध छाने लगी है।।
अब आसमां में भी असर दिखने लगी है।
अब धीरे - धीरे ठंडी दस्तक देने लगी है।।
शाम जल्दी होने लगी है।
शाम को रौशनी कम होने लगी है।।
सुबह की धूप अच्छी लगने लगी है।
दिन अब छोटी होने लगी है ।।
कविः- नितीश कुमार ,कक्षा - 10th ,अपना घर , कानपुर ,
 
कवि परीचय : शांत स्वभाव के नितीश कुमार बिहार के नवादा  जिले से अपनाघर में पढ़ाई के लिए आया  हैं | इनको कविताएं लिखना बहुत पसन्द है