सोने की चिड़ियाँ सोनेकीचिड़िया , खाये मिट्टी की गोलियां , घुमे गलियों गलियां..... लाये सब की चिट्ठियां, घर में छा जाये खुशियाँ..... सब सोचे कब आयेगी चिट्ठियां, बच्चे सोचे कब होगी स्कूल की छुट्ठियां ....
होगयीदिकतख़त्म आज के विज्ञान ने सब कुछ नापा है , आकाश को तक नहीं छोड़ा..... सागर और धरती को पता नहीं, उसने कैसे नापा है..... छोटे -छोटे आणुओं से मिल कर, न जाने कितने पदार्थ बनाया...... मानव उनका करता है उपयोग, कभी न होता उनका सदुपयोग....... जिससे बड़ी आसानी से होता कार्य, कभी न होती उनमे दिकत....... बड़े -बड़े आविष्कार हुए है, जिनका बड़ा उपयोग हुआ है........ आज के विज्ञान ने सब कुछ नापा है, आकाश को तक नहीं छोड़ा.......