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रविवार, 29 जनवरी 2012

कविता : समय

 समय 

दोस्तों अगर करें बात हम समय की ,
तो ये है बड़ा ही अनमोल....
कहाँ, कब रुक जाए जिन्दगी,
इसलिए बोल सबसे मीठे बोल.....
समय नहीं करता किसी का इंतजार,
समय का करो तुम बहुत उपयोग....
क्या हो सकता है एक पल में,
एक पल को भी न करना दुर्पयोग.....
समय से अगर हम सभी काम करें,
तो न होगी कोई परेशानी......
समय का तुम उपयोग कर लो,
ख़त्म न होगी समय की कहानी.....
लेखक : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर  

शनिवार, 14 जनवरी 2012

कविता : चूहा और बिल्ली

चूहा और बिल्ली 

एक बार की हम बात बताएं !
बात है वह चूहे और बिल्ली की !!
बड़े मजे की है वो बात!
नहीं बात है वो बर्फ की सिल्ली की !!
बिल्ली ने चूहे को पार्टी में किया इनवाईट !
एक तरफ डांस तो दूसरी तरफ फाइट !!
शराब पी रहे थे चूहे भाई !
उसे देख बिल्ली थी गुस्साई !!
बना लिया बिल्ली ने उसे खाने का प्लान  !
लेकिन तब तक पीछे से कुत्ता भौंका  !!
चूहा पहले ही समझ गया था !
भाग गया वह पाकर ये मौक़ !!

लेखक : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर  

गुरुवार, 2 सितंबर 2010

कविता ब्रहमाण्ड

ब्रहमाण्ड
यह ब्रहमाण्ड हैं कितना अनोखा
इसको गौर से हमने नहीं हैं देखा
कैसा हैं ये ब्रहमाण्ड हमारा
जिसमे छोटा सा हैं संसार हमारा
क्या कही और भी होगा जीवन
क्या वहां पर भी होगा अपना पन
यह तो हैं एक आनोखी कहानी
जो अभी तक हमने नहीं जानी
मै भी जाऊँगा एक दिन चाँद पर
जहाँ पर नहीं हैं हवा पानी और घर
ये अजीब सा ब्रहमाण्ड होगा कैसा
जैसा हमने सोचा क्या होगा वैसा
लेखक धर्मेन्द्र कुमार कक्षा अपना घर कानपुर

शनिवार, 31 जुलाई 2010

कविता जल

जल
इस समय पानी का हैं बहुत तोता|
पैसे में बिकता हैं पानी एक लोटा ||
बरसात में करोड़ों लीटर बर्बाद हो जाता|
लेकिन किसी का इस पर ध्यान न जाता||
बरसात के पानी का कैसे करें उपयोग|
अब हम न करे इसका दुर्पयोग ||
बहुत लोग पानी बचने पर देते हैं तर्क|
लेकिन इसका किसी पर न पड़ता फर्क||
बरसात के पानी का हम करे सरंक्षण|
न होने देगे हम अब इसका भक्षण||
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लेखक धर्मेन्द कुमार कक्षा अपना घर कानपुर