कविता : जमुना कुमार बाल कवितायेँ बाल कहानियां बाल गीत किस्से कहानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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बुधवार, 14 मार्च 2012

कविता : किताब

 किताब 

किताब क्या चीज है ?
पता करके देख लो ......
समझ में आये तो ,
पढ़कर देख लो ......
समझ में आ जाए तो ,
सबको बता दो......
किताब में लिखी ,
सभी लाइनों को पढ़ डालो ....
हिला दो पर्वत,नदियाँ बहा दो,
मुश्किलों को हँस कर गुजार दो ......

लेखक : जमुना कुमार 
कक्षा : 6
अपना घर  

रविवार, 23 जनवरी 2011

कविता : साइकिल

साइकिल

हमारी साइकिल है कितनी अच्छी ।
दूर-दूर तक पहुँचाती है ॥
मेड़ों में चढ़ जाती है ।
गाँव-गाँव पहुँचाती है ॥
इसके ऊपर रखकर सामन ।
चलती जाती है आसान ॥
हमारी साइकिल है कितनी अच्छी ।
दूर-दूर तक पहुँचाती है ॥

लेख़क :जमुना कुमार
कक्षा :5
अपना घर

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

कविता : डॉक्टर

डॉक्टर

डॉक्टर आए डॉक्टर आए ।
साथ में अपने आला लाये ॥
ह्रदय के तरफ है आला लगाता ।
तब दर्द और बुखार का पता लगाता ॥
अगर कोई बीमारी हो जाती है ।
डॉक्टर आकर सुई लगा जाता है ॥
डॉक्टर आए डॉक्टर आए ।
साथ में अपने आला लाए ॥

लेख़क: जमुना कुमार
कक्षा :5
अपना घर