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मंगलवार, 18 सितंबर 2012

शीर्षक :- मनुष्य

शीर्षक :- मनुष्य 
मनुष्य के जीवन में उतार-चढ़ाव आते है। 
कभी सफल हो जाते है।। 
तो कभी असफल हो जाते है। 
यदि मनुष्य ले उद्देश्य को ले पहचान।। 
तो उसे है पाना आसान। 
और अपने काम को महान बनाना है आसान।। 
अपनी जिन्दगी में कोई फेल तो कोई है पास। 
मेहनत और लगन की आदत ही खास।। 
सपने देखना है आसान। 
लेकिन उसके बराबर मेहनत करना आसान।। 
मनुष्य के जीवन में उतार चढ़ाव आते है। 
कवि:- मुकेश कुमार 
कक्षा:- 11 
अपना घर  

सोमवार, 23 जुलाई 2012

शीर्षक :- साँझ

शीर्षक :- साँझ 
साँझ ढले आती है मस्ती....
जगमग-जगमग करती है बस्ती,
गुनगुन गाना गाती है....
साँझ ढले की बात निराली,
बात की रात होती है काली....
बस्ती में हम सब करते है मस्ती,
साँझ ढले आती है मस्ती....
जगमग-जगमग करती है बस्ती,

कवि : मुकेश कुमार 
कक्षा :11 
अपना घर