मंगलवार, 9 जून 2026

हर मौसम का अपना अंदाज है

 कविता 

हर मौसम का अपना अंदाज है 
इस अंदाज में खुद की घुली हुई अपनी पहचान है 
गर्मी हो या सर्दी या हो वसंत 
 सबकी अपनी अदा है 
हर मौसम खुद के संग घुली हुई तशरीफ़ लाता है 
सबका अपना पसंदीदा मौसम  होता है 
हर मौसम का अपना अंदाज है 
नाम - नरेंद्र     
( अपना घर )

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