शनिवार, 27 जून 2026

ये खूबसूरत प्रकृति में

कविता 

ये खूबसूरत प्रकृति में 
कैसे बिखर रही है लालिमा 
श्रंगार करती दिख रहि है 
शुशोभित है कितना 
देखो खिलखिलाती फूलों को 
हरी भरी सुकुमार कलियों को जिसकी सुगंध में डूब रही 
जगमगाती जुगनू को भी 
दिख रही है खूबसूरत 
रत की रानी चाँद अपनी 
कैसे बिखर रही है लालिमा  
श्रंगार करती दिख रहि है 
नाम -शिवा 
कक्षा 10 

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