मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

कविता : " पल "

" पल " 
क्या बया करू अपने  बात 
मन में चल रहे हलचल ,
                                              याद कर रहा हूँ अपने अतीत को                                         
हर पल | 
मैं ना करुगा अपने मन की 
हलचल ,बया इसपल | 
आएगा  एक पल जब जान , 
जाओगे कहानी उस पल 
मैं ना बया करुगा अपनी ,
परेशानी  इसपल  
कवि : अप्तर हुसैन , कक्षा : 8th 
अपना घर  

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