" पल "
क्या बया करू अपने बात
मन में चल रहे हलचल ,
याद कर रहा हूँ अपने अतीत को
हर पल |
मैं ना करुगा अपने मन की
हलचल ,बया इसपल |
आएगा एक पल जब जान ,
जाओगे कहानी उस पल
मैं ना बया करुगा अपनी ,
परेशानी इसपल
कवि : अप्तर हुसैन , कक्षा : 8th
अपना घर
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