सोमवार, 22 अक्तूबर 2012

शीर्षक : संघर्ष...

   "संघर्ष "

 हो चक्र   चाहे ही भवर ।
 हरगिज कभी डरना नहीं।।
 आ जाए चाहे सुनामी ।
 तुम पीछे हटाना नहीं ।।
 संघर्स करके रोज तुम ।
 जीवन के रास्ते मे आगे बढ़ते रहो।।
 आ जाए चाहे आंधी ।
 उन झोंको से तुम डरना नहीं ।।
 यह जिंदगी अनमोल है ।
 इसे कभी खोना नहीं ।।
 संघर्स के रास्ते पर चलकर ।
 रास्ते में सोना नहीं ।।
नाम :संजय कुमार , कक्षा :12 
स्कूल : पंडित रामनारायण इन्टर कॉलेज ,कानपुर 

1 टिप्पणी:

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

आपकी पोस्ट बुधवार (24-10-2012) को चर्चा मंच पर । जरुर पधारें ।
सूचनार्थ ।