मंगलवार, 24 अगस्त 2010

कविता :आसमान में दिखते तारे

आसमान में दिखते तारे

आसमान में दिखते तारे
सुन्दर-सुन्दर कितने प्यारे
तारा जब टिमटिमाते हैं
बच्चे उछल-कूंद मचाते हैं
और जिस दिन तारा दिखता
उस दिन बच्चों का मन भरता
आसमान में दिखते तारे
सुन्दर-सुन्दर कितने प्यारे

लेखक :जीतेन्द्र कुमार
कक्षा :
अपना घर

4 टिप्‍पणियां:

Akshita (Pakhi) ने कहा…

आसमान में दिखते तारे ।
सुन्दर-सुन्दर कितने प्यारे ॥

कित्ता प्यारा बाल-गीत बधाई.
______________________
"पाखी की दुनिया' में 'मैंने भी नारियल का फल पेड़ से तोडा ...'

माधव ने कहा…

बहुत सुन्दर,

JHAROKHA ने कहा…

सुन्दर बालगीत----।

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar ने कहा…

Bahut achchhaa likha hai bhaiya jitendr ne---hardik shubhkamnayen.