शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

कविता: "नया साल मुबारक हो"

"नया साल मुबारक हो"
नया साल आया है,
 साथ में कई उम्मीदे लाया है , 
पुराने यादो को पिछे छोड़ आया है ,
नया साल में नया खुशियाँ लाया है ,
नए  सपनो की ओर हाथ बढ़ाया,
नया साल देखो है आया।  
कल की गलतियों को माफ़ करते है ,
आओ साथ मिलकर एक नई शुरुआत करते है। 
थोड़ा सा विश्वास और थोड़ा सा साथ 
और होंगे नये सपने, अपने सकार। 
नया साल देखो है आया।  
साथ में कई उम्मीदे लाया है। 
कवि: रमेश कुमार, कक्षा; 5th,
अपना घर। 

कविता: "ठंडी को मिला मौका"

"ठंडी को मिला मौका"
ठंडी का मौशम आया ,
अग्नि परिक्रिया हुआ सुरू, 
ठंडी में सुबह उठने का मन नहीं करता ,
बिस्तर पर लेते रहने को दिल कहता। 
ठंडी का मौशम आया। 
नहाने पर प्रतिबन्ध लगाया। 
धीरे - धीरे ठंडी बढ़ता ,
 टेम्परेचर 6 से 7 होता जा रहा है ,
ठंडी का मौशम आया, 
अग्नि परिक्रिया हुआ सुरू। कवि 
कवि : अमित कुमार, कक्षा: 11th,
अपना घर। 

कविता: "मेरे भी सपने है"

"मेरे भी सपने है"
सपने मेरे भी है, और उसे, 
पूरा भी करना है। 
चाहे कैसे भी हालत हो ,
पर उसे पूरा करना है। 
सपने कुछ ख़ास नहीं ,
पर है कुछ जरुरी ,
हमें पता है उसके लिए ,
पूरा मेहनत करना है। 
मेरे भी कुछ सपने है ,
  कितना भी मेहनत  करना पड़े ,
उसे पूरा करना है। 
कवि : गोविंदा कुमार, कक्षा: 9th,
अपना घर। 

कविता : "गर्मी आ चली है"

"गर्मी आ चली है" 
कुछ दिनों की बात है ,
गर्मी आने  इंतजार है। 
फिर न रहेगी सर्दी ,
न पहनेगे  अब सर्दी के  कपड़े। 
मजे करेंगे गर्मी का मौशम ,
कुछ दिनों की बात है। 
 गर्मी आने का इंतजार है। 
फिर होगी कभी कभी बरसात ,
खूब मजे करेंगे ये मौशम के साथ ,
चाहे गर्मी हो या बरसात।
कवि : नसीब कुमार, कक्षा : 3rd,
अपना घर