बुधवार, 28 मार्च 2012

कविता : उठो देश के युवा जवानों

उठो देश के युवा जवानों 
अरे ओ देश के युवा जवानो ,
उठो और देश को तुम जानो....
बदल गया यह अपना देश ,
बदल गया यहाँ का परिवेश....
फैला है हर जगह भ्रष्टाचार ,
नहीं दिखता कही अब शिष्टाचार....
इस भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है ,
एक अच्छा सा देश बनाना है ....
नहीं चलेगी अब किसी की तानाशाही,
मिलकर रहेंगे सब भाई -भाई ...
अरे ओ देश के युवा जवानो ,
इस देश को तुम बदल डालो ....

लेखक : धर्मेन्द्र कुमार 
कक्षा : 9
अपना घर    
 

 

1 टिप्पणी:

manohar chamoli manu ने कहा…

bahut hi sunder kavuta manbhawan ji.