गुरुवार, 10 मार्च 2011

कविता : सूरज

 सूरज 

सूरज निकला लेकर धूप ,
सुबह-सुबह जब सब पर पड़ती धूप .....
कलियाँ हँसती-खिलती सब मुस्काती ,
पेड़ों पर चिड़ियाँ चहचहाती .....
बच्चे खाना खाकर स्कूल को जाते ,
बापू हल लेकर खेतों में जाते .....
फिर घर लगता बिल्कुल खाली-खाली ,
पर खेतों में दिखती हरियाली .....
जैसे-जैसे सूरज ढलता ,
घर में सब कोई वापस आता .....
 लेखक : आशीष कुमार 
कक्षा : ८
अपना घर
 

2 टिप्‍पणियां:

चैतन्य शर्मा ने कहा…

सुंदर कविता .....

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता...