सोमवार, 26 अक्तूबर 2009

बातें जो बोल नही पाते

बहुँत सी बातें है,
कुछ मन की गांठे है...
जो कुछ लोग कह नही पाते,
कुछ बातें कुछ लोग ही कह पाते....
बोलने की लगन होती है,
मगर बोल नही पाते...
समझना चाहते है पर समझ नही पाते,
क्योकि वह बात बोल ही नही पाते...
यह धरती के हर प्राणी में होती है,
ये कैसी लीला है जो हर जगह होती है...

लेखक: अशोक कुमार, कक्षा ७, अपना घर

1 टिप्पणी:

संजय भास्कर ने कहा…

कम शब्दों में बहुत सुन्दर कविता।
बहुत सुन्दर रचना । आभार

ढेर सारी शुभकामनायें.

SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com