गुरुवार, 27 अगस्त 2026

कौन है वह

 कविता 

कौन है वह 
जंगलों के बीच गया जो 
लेना चाहता जान उसी से 
किधर है वह जीवित गाछा 
जिसकी नीचे मग्न हो 
जंगल में मोर नाचा 
रंग बिरंगे पछियों का जमघट 
अन्य पछियों का आना झटपट 
ऊँची चहचहाट और 
कोमल की मीठी गान 
डालता मोरो में जान 
फिर नचाये दुन्दुन दमाकदुम 
कौन है वह 
सुना हो जिसने ये गाथा 
मग्न हो जहाँ 
जंगल में मोर नाचा  

ये कविता हमारे कवी पिंटू कुमार   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2018  में आये  थे पिंटू   इस समय कक्षा 11  में पढ़ते है | अपना घर में 8  साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |    

कोई टिप्पणी नहीं: