शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

कविता: "मेरे भी सपने है"

"मेरे भी सपने है"
 
सपने मेरे भी है, और उसे। 
पूरा भी करना है।।
चाहे कैसे भी हालत हो।
पर उसे पूरा करना है।। 
सपने कुछ ख़ास नहीं।
पर है कुछ जरुरी।।
हमें पता है उसके लिए।
पूरा मेहनत करना है।।
मेरे भी कुछ सपने है
  कितना भी मेहनत  करना पड़े
उसे पूरा करना है।। 
 
 
कवि : गोविंदा कुमार, कक्षा: 9th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र, "अपना घर" 

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