कविता
काम हुई है थोड़ी गर्मी
बरसात का मौसम है आ गर्म
इससे पहले न हो रही थी बरसात
सिर्फ धुप धुप हो गए थे परेशां
अब मिली ही थोड़ी आराम जब रहती है मौसम बारिश का
तब नहीं होती है बरसात
तब हो जाती है पसीने की बरसात
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम- रमेश
(अपना घर )
कविता
नाम- सुल्तान
कक्षा -12
कविता
नाम- अभिषेक
कक्षा- 8
कविता
कब से पड़ी हुई है रूखी सी जिन्दगी
बेजान सी है ये ख़ुशी
बदली नहीं ये दुःख की घडी
टूट चुकी है एक आशा बड़ी
छूट गयी सारि कड़ी
कब से पड़ी हुई है रूखी सी जिंदगी
सब्र छूट रहा है ध्यान खो रहा है
पता नहीं क्यों बेजान हो रहा है
नाम- साहिल
कक्षा- 10
(अपना घर )
कविता
न हो रही है बरसात
गर्मी चल रही है साथ साथ
आसमान से बरसाने की है आस
लोग हो हाय बहुत परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
सिर्फ धुप धुप से तेजी गर्मी
बस लोगों को लगी है वर्षा की आस
ये सूरज की चमक और मुस्कान
लोगॉन को खूब कर रहा परेशान
ये गर्मी को नहीं हो रहा अहसास
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम - नवलेश
कक्षा -12
कविता
(अपना घर )
कविता
कविता
कविता
नाम- साहिल
कक्षा-10
कविता
कविता
कविता
कविता
कविता
कविता
नाम-नवलेश कुमार
कक्षा -12
कविता
नाम- साहिल
कक्षा -10
कविता
नाम-गोविंदा
कक्षा -10
कविता
नाम-अप्तर
कक्षा-9
कविता
नाम- नवलेश
कक्षा -12
कविता
कविता
नाम -निरंजन
कक्षा- 10
कविता
कविता
कक्षा - 10 ( अपना घर )
कविता
कविता
के कमाए पैसों पर जीते है
धुप में तपते है पर काम
से पीछे नहीं हटते है
कष्ट तो होता है उनकों भी बहुत
पर मन से वह उड़ते है
बारिश में भी लगते है और
ठण्ड में हवाएं में भी जुटते है कष्ट तो होता है उनको भी बहुत
पर मन से उठते नहीं है
खुद की लड़ाई खुद ही लड़ते है
इंसाफ जहा मिलना चाहिए
उसके लिए भी भिड़ते है
कामयी तो अक्सर नहीं मिलती
पर खुलकर जीते है
कसगत तो होता है उनको भी
पर मन से उतट नहीं है
नाम- गोविंदा
क्लास -9
POEM
कविता
कविता
कवि - साहिल
कक्षा -9
(अपना घर )