शनिवार, 17 जनवरी 2026

कविता: "उम्मीद दिलाने की जरुरत है उसे"

"उम्मीद दिलाने की जरुरत  है उसे"
उम्मीद दिलाने की जरुरत  है उसे। 
दोस्ती कायम रखने का जिगर रखना । । 
दुरियाँ बड़ रही है इस दोस्ती के बीच । 
कुछ न हो सके तो दोस्ती बनाए रखना । 
मैंने माना की गलती हो गई है मुझसे । । 
मैं चाहता हूँ की ये दोस्ती बनाए रखना । 
भरोसा तो मैंने तोड़ा तुम नराज मत होना । । 
आशु तेरे होंगे पर आँख मेरे होंगे । 
रोना मुझे पड़े दोस्ती ही कुछ इस तरह करना। ।  
उम्मीद दिलाने की जरुरत है उसे । 
हमने तुम्हे जान से भी जायदा चाहा । । 
 इस दोस्ती को ठुकराना मत । 
उम्मीद दिलाने की जरुरत  है उसे । । 
कवि: निरु कुमार, कक्षा: 9th,
आशा ट्रस्ट, कानपुर केंद्र. "अपना घर"

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