बुधवार, 26 अगस्त 2026

ये मंजिल तक तो पहुंचना है मुझे

 कविता 

ये मंजिल तक तो पहुंचना है मुझे 
हम हर नहीं मानेंगे ें नन्हे क़दमों से 
आगे बढ़ते ही रहेंगे 
हर कदम पर हर राह पर 
कठिनाइयो से भरा होगा 
मैं अपने दुःख को हौसलों के सिवा 
कोई और मेरे पास न होगा 
इतना आसान नहीं होता 
है भाई मंजिल तक 
पहुंचना पर कोशिशे 
तो करना चाहिए 
ये मंजिल तक तो पहुँचना है 
मुझे हम हार  नहीं मानेंगे 
इन नन्हे नन्हे कदमों से 

ये कविता हमारे कवी रमेश   द्वारा लिखी गयी है | ये अपना घर में 2023 में आये  थे शिवा  इस समय कक्षा 6 में पढ़ते है | अपना घर में 3 साल से रह रहे है | ये बड़े होनहार छात्र है यहाँ के ये बहुत छोटे ही उम्र में कवितायेँ लिखने लगे है |    

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