गुरुवार, 11 जून 2026

भूल जाते है कदमो का आस

 कविता 

भूल जाते है कदमो का आस 
जो मेहनत से होता है पास  
वे करते है रोज़ प्रयास 
आकर फिर भी न जाने क्यों 
खुद से  दूर चला जाता है  
ठुकरा देता है ये समय 
भूल जाते है कदमो का आस 
जो मेहनत से होता है पास 
वे करते है रोज़ प्रयास 
नाम - रवि 

(अपना घर )

मंगलवार, 9 जून 2026

हर मौसम का अपना अंदाज है

 कविता 

हर मौसम का अपना अंदाज है 
इस अंदाज में खुद की घुली हुई अपनी पहचान है 
गर्मी हो या सर्दी या हो वसंत 
 सबकी अपनी अदा है 
हर मौसम खुद के संग घुली हुई तशरीफ़ लाता है 
सबका अपना पसंदीदा मौसम  होता है 
हर मौसम का अपना अंदाज है 
नाम - नरेंद्र     
( अपना घर )

मंगलवार, 2 जून 2026

अकेला ही चलना है रास्ते पर

कविता 

 अकेला ही चलना है रास्ते पर 
तय खुद करना है 
कैसे जीना है इस बेमतलबी दुनिया मे 
हर अवसर खास होगा पर 
 खुद तय करना है 
कबतक लड़ना है यहाँ पर 
हर लड़ाई अपनी न हो फिर भी 
लड़ना है लोगों के लिए
इन रास्तो में मुश्किलें यूँ खड़ी होगी 
जैसे कोई नामुराद पत्थर 
राह का पत्थर हटाना है 
अकेला ही चलना है रस्ते पर 
 नाम - साहिल 
कक्षा -10